एक छात्र से Direct Selling की दुनिया तक – मेरी यात्रा
मेरा नाम शरनदीप मौर्य है। आज लोग मुझे एक Direct Seller, Mentor, Business Leader, Motivational Speaker, Event Anchor और EDSA Direct Selling Volunteer के रूप में जानते हैं। लेकिन मेरी कहानी किसी बड़े परिवार, बड़े बिजनेस या आसान शुरुआत की नहीं है। मेरी कहानी एक साधारण छात्र की है, जिसने बड़े सपने देखने की हिम्मत की और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत की।
कुछ साल पहले मैं भी बाकी छात्रों की तरह अपनी पढ़ाई में व्यस्त था। मेरे मन में भी वही सवाल थे जो हर युवा के मन में होते हैं—आगे क्या करना है, कैसे आगे बढ़ना है और अपने परिवार के लिए कुछ बड़ा कैसे करना है। मैं चाहता था कि मेरी पहचान सिर्फ एक डिग्री तक सीमित न रहे, बल्कि लोग मुझे मेरे काम और मेरे व्यक्तित्व से पहचानें।
इसी दौरान मेरी मुलाकात Direct Selling से हुई। शुरुआत में मुझे भी इस इंडस्ट्री के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं थी। मैंने सीखा, समझा और फिर इस क्षेत्र में कदम रखा। शुरुआत आसान नहीं थी। कई लोगों ने मना किया, कुछ ने मज़ाक उड़ाया, कुछ ने कहा कि यह मेरे बस की बात नहीं है। कई बार ऐसा भी लगा कि शायद मैं सही रास्ते पर नहीं हूँ। लेकिन मैंने एक बात तय कर ली थी—रुकना नहीं है।
मैंने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ हर दिन खुद पर काम करना शुरू किया। Communication Skills सीखी, Public Speaking पर मेहनत की, किताबें पढ़ीं, सेमिनार अटेंड किए और अपने सीनियर्स से लगातार सीखता रहा। धीरे-धीरे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा, मेरी सोच बदली और मेरे परिणाम भी बदलने लगे।
हर रिजेक्शन ने मुझे मजबूत बनाया। हर असफलता ने मुझे कुछ नया सिखाया। धीरे-धीरे लोग मुझ पर भरोसा करने लगे। टीम बननी शुरू हुई और आज मुझे 200+ से अधिक लोगों के साथ काम करने और उन्हें आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।
आज मुझे मंच से बोलने का अवसर मिलता है, लोगों को ट्रेनिंग देने का मौका मिलता है और एक EDSA Direct Selling Volunteer के रूप में Ethical, Transparent और Responsible Direct Selling का संदेश फैलाने का सौभाग्य मिला है। मेरे लिए सबसे बड़ी सफलता सिर्फ आय नहीं है, बल्कि यह है कि मेरे कारण कई लोगों ने अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस किया।
मैं आज भी खुद को सीखने वाला विद्यार्थी ही मानता हूँ। क्योंकि मेरा विश्वास है कि जिस दिन इंसान सीखना बंद कर देता है, उसी दिन उसकी तरक्की भी रुक जाती है।
मेरी यात्रा अभी खत्म नहीं हुई है, बल्कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। मेरा सपना है कि आने वाले वर्षों में मैं लाखों युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करूँ, उन्हें सही दिशा दिखाऊँ और भारत में Ethical Direct Selling को एक नई ऊँचाई तक पहुँचाने में अपना योगदान दूँ।
मैं हमेशा एक बात कहता हूँ—
> "मैंने अपनी किस्मत का इंतज़ार नहीं किया, मैंने अपनी मेहनत से अपनी पहचान बनाई। एक साधारण छात्र से Direct Selling Leader बनने तक का सफर आसान नहीं था, लेकिन हर संघर्ष ने मुझे पहले से बेहतर इंसान बनाया। और मेरी कहानी अभी बाकी है।"